संभल: फर्जी आधार कार्ड गैंग का पर्दाफाश, 3 गिरफ्तार

Sahi Update
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Sambhal News 2026: Police bust a high-tech gang creating forged Aadhaar cards.

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Sambhal Fake Aadhaar Card News: उत्तर प्रदेश के संभल (Sambhal) जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पुलिस और आम जनता दोनों की नींद उड़ा दी है। आधार कार्ड आज के समय में हमारी सबसे बड़ी पहचान है। बैंक खाता खुलवाने से लेकर सिम कार्ड लेने तक, हर जगह इसी की जरूरत पड़ती है। लेकिन क्या हो अगर आपके नाम और पते पर कोई क्रिमिनल फर्जी आधार कार्ड बनाकर घूम रहा हो? संभल पुलिस ने एक ऐसे ही बेहद शातिर और हाई-टेक ‘फर्जी आधार कार्ड गैंग’ का भंडाफोड़ किया है।

पुलिस की इस ताबड़तोड़ छापेमारी (Raid) में गैंग के 3 मुख्य गुर्गे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, अफरा-तफरी का फायदा उठाकर 5 अन्य आरोपी मौके से भागने में कामयाब रहे। पुलिस अब उनकी तलाश में शहर भर में दबिश दे रही है। इस गैंग का काम सिर्फ आधार कार्ड तक सीमित नहीं था, बल्कि ये लोग फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और पैन कार्ड भी बना रहे थे। आइए इस पूरे मामले की गहराई में चलते हैं और समझते हैं कि यह खेल कब से और कैसे चल रहा था।


छापेमारी की पूरी इनसाइड स्टोरी (The Inside Story)

पुलिस को काफी समय से खुफिया मुखबिरों के जरिए सूचना मिल रही थी कि शहर के एक रिहायशी इलाके में छुपकर अवैध रूप से सरकारी दस्तावेज बनाने का काला कारोबार चल रहा है। इस टिप-ऑफ पर एक्शन लेते हुए, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया और बताई गई जगह पर अचानक रेड मार दी।

छापेमारी में पुलिस को क्या-क्या मिला? (Seized Items)

  • हाई-टेक मशीनें: पुलिस ने मौके से कई लैपटॉप, फिंगरप्रिंट स्कैनर (बायोमेट्रिक डिवाइस) और आईरिस (आंखों की पुतली) स्कैन करने वाली मशीनें बरामद की हैं।
  • फर्जी मुहरें और प्रिंटर: सरकारी अधिकारियों और ग्राम प्रधानों के नाम की दर्जनों फर्जी रबर स्टैम्प (मुहर) और भारी मात्रा में कलर प्रिंटर जब्त किए गए हैं।
  • सैकड़ों नकली कार्ड: मौके से 100 से ज्यादा प्रिंटेड फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और खाली स्मार्ट कार्ड बरामद हुए हैं, जिन्हें डिलीवरी के लिए पैक किया जा रहा था।
  • डिजिटल सॉफ्टवेयर: ये लोग फोटोशॉप और Image to PDF Converter जैसे टूल्स का गलत इस्तेमाल करके ओरिजिनल सरकारी फाइलों के साथ छेड़छाड़ करते थे।

कौन हैं ये आरोपी और कैसे करते थे काम?

पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं। ये लोग भोले-भाले ग्रामीणों और उन लोगों को अपना शिकार बनाते थे, जिन्हें बैंक लोन लेना होता था या फिर उम्र कम/ज्यादा करवा कर किसी सरकारी योजना का लाभ लेना होता था।

अपराध का तरीका (Modus Operandi) कैसे देते थे वारदात को अंजाम?
रेट कार्ड (Price) ये लोग एक फर्जी आधार कार्ड या पैन कार्ड बनाने के लिए ग्राहकों से 2,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक वसूलते थे।
बायोमेट्रिक क्लोनिंग सबसे खतरनाक बात यह है कि ये लोग असली आधार के फिंगरप्रिंट डेटा को क्लोन करके उसे नए फर्जी नाम के साथ जोड़ देते थे, ताकि सिम कार्ड निकालते समय मशीन असली फिंगरप्रिंट को ‘Pass’ कर दे।
फर्जी योजनाओं का लाभ कई लोग इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके गलत तरीके से Ration Card बनवा रहे थे, ताकि उन्हें मुफ्त राशन मिल सके।

फरार 5 आरोपियों की तलाश तेज

पुलिस कप्तान ने साफ कर दिया है कि जो 5 आरोपी मौके से भाग निकले हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 3 अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं जो रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पकड़े गए तीनों आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट (IT Act) की गंभीर गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है और उन्हें जेल भेज दिया गया है।

असली और फर्जी आधार की पहचान कैसे करें? (Value Addition)

ऐसी घटनाओं के बाद मन में यह डर आना लाजमी है कि कहीं आपके पास मौजूद आधार कार्ड भी तो फर्जी नहीं है? या अगर आप किसी किराएदार को घर दे रहे हैं, तो उसका कार्ड असली है या नहीं? इसे चेक करना बहुत आसान है:

  1. अपने मोबाइल में ‘mAadhaar’ ऐप डाउनलोड करें या UIDAI के ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं।
  2. वहां ‘Verify an Aadhaar Number’ के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  3. संदिग्ध 12-अंकों का आधार नंबर डालें और कैप्चा भरें।
  4. अगर वह नंबर असली है, तो स्क्रीन पर उस कार्ड होल्डर की उम्र (Age Band), जेंडर, और राज्य का नाम आ जाएगा। अगर कार्ड फर्जी है, तो सिस्टम साफ बता देगा कि “This Aadhaar number does not exist.”

अंतिम राय (Final Word)

संभल की यह घटना हम सबके लिए एक बहुत बड़ा अलर्ट है। कभी भी अपने असली दस्तावेज (आधार, पैन, वोटर आईडी) की फोटोकॉपी किसी अनजान व्यक्ति या बिना भरोसे वाली दुकान पर मत छोड़िए। आपके एक छोटे से डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल ये शातिर गैंग सिम कार्ड निकालने या बैंक फ्रॉड करने में कर सकते हैं, जिसके बाद पुलिस आपके दरवाजे पर आ सकती है। सतर्क रहें और सावधान रहें। ऐसी ही सनसनीखेज ब्रेकिंग न्यूज़ और अलर्ट्स सबसे पहले पढ़ने के लिए Sahi Update पर आते रहें।


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